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अक्टूबर, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

वन्यजीवों के विलुप्त होने के कारण

 वर्तमान में मानव के द्वारा ऐसे कारण उत्पन्न कर दिए गए हैं जिससे वन्य जीवों का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है मानव के अतिरिक्त कुछ प्राकृतिक कारण भी है जिससे वन्यजीव संकटग्रस्त है प्राकृतिक आवासों का नष्ट होना वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों के नष्ट होने के कारण है उनमें प्रमुख कारण निम्नलिखित प्रकार से है पहला जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि होने के फलस्वरूप मानव की आवश्यकता है बढ़ती है मानव ने आवाज कृषि उद्योग हेतु वन भूमि का उपयोग किया जिससे जीवन के प्राकृतिक आवास पर संकट उत्पन्न हो गया दूसरा बहुत बड़ी जल परियोजना जैसे भाखड़ा नांगल बांध परियोजना इत्यादि से वन भूमि पानी में डूबती गई जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट होने लगे तीसरा जंगलों में खनन कार्य पर्यावरण प्रदूषण से उत्पन्न अमली वर्षा आदि से भी प्राकृतिक आवास नष्ट हुए चौथा समुद्रों में तेल टैंकरों से तेल का रिसाव समुद्री जीव के आवास को नष्ट कर रहा है पांचवा ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण प्रति के आसपास वातावरण गर्म होता जा रहा है जिससे जय विविधता नष्ट हो रही है वन्यजीवों का अवैध शिकार प्रदूषण मानवता वन्यजीवों का संगत वन्य जीवो जीव...

शक्ति बौद्ध की आवश्यकता

हमारे देश को दो बातों की सबसे पहले और सबसे ज्यादा जरूरत है एक शक्ति बौद्ध और दूसरा सौंदर्य बोध शक्ति बोध का अर्थ है देश की शक्ति और सामर्थ्य का ज्ञान दूसरे देशों की तुलना में अपने देश को ही नहीं मानना चाहिए इससे देश के शक्ति बोध का आगाज पहुंचता है सौंदर्य बोध का अर्थ है किसी भी रूप में कुल कुरूचि की भावना को पनपने ने देना इधर-उधर कूड़ा फेंकने गंदी शब्दों का प्रयोग इधर की उधर लगाना समय देकर ने मिलना आदि से देश के सौंदर्य बोध को आघात पहुंचता है देश के सचिवों को जगाने के लिए हमें चाहिए कि हम सदा दूसरे देशों की अपेक्षा अपने देश की श्रेष्ठ समझे ऐसे करने से देश के शक्ति बोध का आगाज पहुंचता है उधर इस तथ्य की पुष्टि करता है यह महाबली कर्ण का सारथी था जब भी करण अर्जुन की अजय तक का एक हल्का सा उल्लेख कर देता बार-बार लेकर आत्मविश्वास में डाल दी जो उसके भाई की नींव रखने में सफल हो गए

संस्कृति और राष्ट्रीयता

प्राचीन काल में जब धर्म मजहब समस्त जीवन को प्रभावित करता है था तब संस्कृति के बनाने में उसका भी हाथ था किंतु धर्म के अतिरिक्त अन्य कारण भी सांस्कृतिक कारण में सहायक होते हैं थे आज मजहब का प्रभाव बहुत कम हो गया है अन्य विचार जिस राष्ट्रीयता आंधी उसका स्थान ले रहे हैं राष्ट्रीयता की भावना तो मजहब से ऊपर है हमारे देश में दुर्भाग्य से लोक संस्कृति को धर्म से अलग नहीं करते हैं इसका कारण अज्ञान और हमारे संग रहता है हम पर्याप्त मात्रा में जागरूक नहीं है हमको नहीं मालूम है कि कौन-कौन सी शक्तियां काम कर रही है और इसका विवेचन भी ठीक से नहीं कर पाते हैं कौन सा मार्ग सही है वही देश है जो युग धर्म की अपेक्षा करते हैं और परिवर्तन के लिए तैयार नहीं है परंतु हम आज भी अपनी आंखें नहीं खोल पा रहे हैं परिवर्तन का यह अर्थ कदापि नहीं है अतीत की सर्वथा उपेक्षा की जाइए ऐसा हो नहीं सकता अतीत के व्यस्त जीवन है उनकी तो रक्षा करनी ही है। किंतु नए मूल्यों का हमको स्वागत करना होगा तथा वे आचार विचार जो युग के लिए अनुपयुक्त और हानिकारक है उनका परित्याग भी करना होगा

जीने की कला

जीना भी एक कला है लेकिन कला नहीं तपस्या है जियो तो  प्राण डाल दो जिंदगी में डाल दो जीवन रस के उपकरणों में ठीक है लेकिन क्यों क्या जीवन के लिए जीना ही बड़ी बात है सारे संसार अपने मतलब के लिए ही तो जी रहा है याग वल्लव के बहुत बड़े ब्रह्म वादी ऋषि ऋषि थे उन्होंने अपनी पत्नी को विश चित्र भाव से समझने की कोशिश की कि सबकुछ स्वस्थ स्वार्थ के लिए है पुत्र के लिए पुत्र कीजिए नहीं होता पत्नी के लिए पत्नी पूरी नहीं होती सब अपने मतलब के लिए होते हैं आत्मन अस्तु का माय सर्वोपरि बहुत ही विचित्र नहीं है यह तर्क संसार में जहां कहीं प्रेम है सब मतलब के लिए सुनाएं पश्चिम के विचार को ने भी ऐसी बात कही है सुनकर हैरानी होती है दुनिया याद नहीं है नहीं है नहीं है परमार्थ नहीं है केवल स्वार्थ भीतर की जिजीविषा जीतने की इच्छा की ही अगर बड़ी बात हो तो फिर यह सारी बड़ी-बड़ी बोलियां जिनके बनाए जाते हैं शत्रु मर्द का अभिनय किया जाता है का नारा लगाया जाता है साहित्य और कला की महिमा गाई जाती है झूठ है इसके द्वारा कोई न कोई अपना स्वार्थ सिद्ध करता है लेकिन अंतर अंतर से कोई कह रहा है ऐसा सोचना गलत ढंग से सोचना है ...

भारत पर प्रकृति की कृपा

 भारतवर्ष पर प्रकृति की विशेष कृपा रही है यहां सभी ऋतुएँ अपने समय पर आती है और पर्याप्त काल तक ठहरती है ऋतुएअपने अनुकूल फल फलों का सृजन करती है धूप और वर्षा के समान अधिकार के कारण यह भूमि से श्यामला हो जाती है यहां का नगद विराज हिमालय कवियों को सदस्य प्रेरणा देता आ रहा है और यहां की नदियां मोक्ष दायिनी समझी जाती रही है यहां कृत्रिम दूध और रोशनी की आवश्यकता नहीं है भारतीय मनीषा जंगल में रहना पसंद करते थे प्रकृति प्रेम के ही कारण यहां के लोग पत्तों में खाना पसंद करते हैं वृक्षों में पानी देना एवं धार्मिक कार्य समझते हैं सूर्य और चंद्र दर्शन नीति और नियमित कार्यों में शुभ माना जाता है पारिवारिक ता पर परिवार संस्कृति में विशेष बल दिया गया है भारतीय संस्कृति में शौक की अपेक्षा आनंद को अधिक महत्व दिया गया है इसलिए हमारे यहां सुकांत नाटकों का निषेध है अतिथि को भी देवता माना गया है 

अच्छा मनुष्य

ओपन या उपासना की दृष्टि से कई लोग काफी बर्थडे चड्डे होते हैं यह प्रसन्नता की बात है कि जहां दूसरे लोग भगवान को बिल्कुल ही भूल बैठे हैं वह व्यक्ति ईश्वर का स्मरण तो करता है औरों से तो अच्छा है इसी प्रकार जो बुराइयों से बचाए अनीति और व्यवस्था नहीं फैलाता संयम और मर्यादा में रहता है वह भी भला हसे बुद्धिमान कहा जाएगा क्योंकि दुर्बुद्धि को सुनाने से जो अगणित विपत्तियां उस पर टूटने वाली थी उनसे बचगया  स्वयं भी उद्विग्न नहीं हुआ और दूसरों को भी वी क्षुब्ध ने करने की भलमनसाहत बरतता  रहा। दोनों ही बातें अच्छी है ईश्वर का नाम लेना भलमनसाहत  से रहना है एक अच्छे मनुष्य के लिए योग्य कार्य है उतना तो हर समझदार आदमी को करना ही चाहिए जो उतना ही करता है उसकी उतनी तो प्रशंसा की ही जाएगी कि उनसे अनिवार्य कर्तव्यों की उपेक्षा नहीं की ओर दोस्त दुरात्माओ के होने वाले दुर्गति से अपने को बचा लिया।

उपन्यासकार सम्राट मुंशी प्रेमचंद

हिंदी साहित्य के क्षेत्र में मुंशी प्रेमचंद उपन्यास सम्राट के नाम से प्रसिद्ध है अपने जीवन के अंतिम यात्रा उन्होंने मात्र 56 वर्ष की आयु में ही पूर्ण कर ली थी यह था कि उनकी एक एक रचना 19 युगो युगो तक जीवित रखने में सक्षम है गोदाम के संदर्भ में तो यहां तक कहा गया है कि यह प्रेमचंद के सारे को जलाए जला दिया जाए और मात्र गोदाम को बचा कर रख लिया जाए वहीं उन्हें हमेशा हमेशा के लिए जीवित रखने को पर्याप्त है प्रेमचंद का जीवन बिता हो किंतु इनका ग़लत ढंग से उपार्जन करने से निर्देश दिए थे एक बार धन कमाने की इच्छा से भी गए वहां का श्रेष्ठ साहित्यकार के प्रतिकूल एवं कहानियों में किसानों की समस्याएं बेमेल विवाह  की समस्या को उजागर करके समाधान भी प्रस्तुत किया। अंग्रेजी शासन काल में उनकी रचनाओं ने स्तर का कार्य किया जिससे अंग्रेजों की नींद उड़ गई थी आदर्श एवं यथार्थ का इतना सुंदर समन्वय शायद ही कहीं मिलेगा जितना कि प्रेमचंद के उपन्यासों में मिलता है

नीव की ईट

शहादत और मन्मुख शहादत को सूरत मिले जिस बलिदान को प्रसिद्ध प्राप्त हुई ईमानदार का कंगारू है मंदिर का कलश है शहादत और मोहन मुख समाज की आधारशिला ही होती है इस साल की शहादत ने ईसाई धर्म को अमर बना दिया आपके लीजिए तो मेरी समझ से ईसाई धर्म को अमर बनाया उन लोगों ने जनों ने उस धर्म के अनुसार में अपने को नाम उस पर कर दिया उनमें से कितने जिंदा जलाए गए कितने सूली पर चढ़ाए गए कितने वन वन की खाक सालते जंगली जानवरों के शिकार हुए कितने उससे भी भयानक भूख प्यास के शिकार हुए उनके नाम शायद ही कहीं लिखे गए हो उनकी चर्चा शायद ही कई होती हो किंतु धर्म पुण्य के पुण्य प्रताप से फल-फूल रहा है वे नीव की ईट से गिरजाघर के कलश उड़ने की शहादत से चमकते हैं आज हमारा देश आजाद हुआ सिर्फ उनके बलिदानों के कारण नहीं इन्होंने इतिहास में स्थान पा लिया है हम जिसे देख नहीं सकते वैसे नहीं है यह है मुख्तार ना ढूंढने से सच्ची मिलता है हमारा काम है धर्म है ऐसे न्यू कीटों की ओर ध्यान देना सदियों के बाद में समाज की सृष्टि की और हमने पहला कदम बढ़ाया है

भारतीय किसान

एक भारतीय किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ हे वह एक सीधा साधा लेकर अत्यंत कठोर जीवन जीता है अरे प्रातकाल जल्दी अपने खेत में चला जाता है वह भूमि को जोतता है और बीज बोता है फसल की देखभाल करता है और जब यह पक जाती है इसे काटता है लेकिन अधिकांश भारतीय किसान गरीब है पैसों की कमी के कारण अच्छी खाद ट्रैक्टर और ट्यूबवेल आदमी नहीं खरीद पाते हैं सरकार को इसकी स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाने चाहिए

सत्यकाम विद्यालंकार का जीवन परिचय

श्री सत्य काम जी का जन्म 14 अगस्त उन्नीस सौ पांच में है लोहार में हुआ था उन्होंने अनेक अनेक विषयों पर लिखा है सामाजिक राजनीतिक संस्कृति आदि सभी विषयों पर लेखक की लेखनी पर करता से चली है सन 1950 से 1960 तक धर्म युद्ध का 1960 से 1962 तक का संपादन किया गया इनकी प्रतिनिधि रचनाएं है जीवनसाथी चरित्र निर्माण गीतांजलि वेद पुष्पांजलि ऋग्वेद संहिता कृति 9 भागों में आदि। सत्यकाम विद्यालंकार द्वारा लिखित सरदार वल्लभभाई पटेल से संबंधित संकलित जीवनी है इसमें लेखक ने सरदार पटेल जन्मदिन का साहस को बड़ी ईमानदारी से पाठकों के समक्ष रखा है लेखक ने इस अंश में वल्लभभाई पटेल की संघर्ष प्रियता अद्भुत सहिष्णुता सत्याग्रही चेतना को स्पष्ट करते हुए उनके राजनीतिक जीवन का वर्णन भी किया है 

महादेवी वर्मा का जीवन परिचय

कवियत्री गायकार और चित्रकार महिषी महादेवी वर्मा का जन्म सन 1960 ईस्वी को उत्तर प्रदेश कैप फर्रुखाबाद में हुआ उनके स्मृति की रेखाएं श्रृंखला की कड़ियां पथ के साथी स्मरणार्थ मगजी बहुत पसंद है पथ के साथी में उनके साहित्यिक जीवन के साथियों पंत निराला गुप्त सुभद्रा कुमारी चौहान से संबंधित संस्मरण संकलित महादेवी वर्मा का काव्य जितना अधिक होता है उतना ही उनका गद्य वी कविता पूर्ण संवेदनात्मक और प्रभावपूर्ण है महादेव वर्मा से हरदिया थी उनकी से हर देवता संपूर्ण साहित्य में झलकती है अपनी संवेदना को कवित्व पूर्ण रैली के माध्यम से मूर्त रूप देने में उन्हें विशेष कौशल प्राप्त है

गणपति चंद्र भंडारी का जीवन परिचय जो एक लेखक थे

राजस्थानी साहित्य अकादमी के मानद सदस्य श्री गणपति चंद्र भंडारी राजस्थान के अत्यंत लोकप्रिय कवि है  रक्त  दीप इनकी कविताओं का संग्रह है श्रीभंडारी अनेक सामाजिक साहित्य शिक्षण संस्थाओं का प्राण है और इनके संरक्षण एवं निर्देश में उन्होंने प्रगति के मार्ग को दुरुस्त पाया है भंडारी जी का सजा का व्यक्तित्व कभी पर्यटक निबंधकार आलोचकों तथा अध्यापक का सुंदर समन्वय थे रिंग एवं हसीन की रचनाओं के पथ्य हैं सिस्ट हंसी के फव्वारे परीक्षण के प्रति बेवकूफ कोंन? तथा भगवान से बेटा दीनबंधु में छोड़ते दृष्टिगत होते हैं इनकी लिखने में प्रसाद आत्मकथा एवं संस्था है दशा की स्वस्था विचारों की अस्पष्टता वाक्य विधान की सरलता एवं अभिव्यंजना की सुबोध दें इनकी शैली के गुण हैं सरल निष्कपट अहिरावण व्यक्तित्व श्री भंडारी जी की कविताओं एवं निबंधों में बोलता है उनके व्यक्तित्व का सबसे बड़ा गुण है आत्मीयता निज को उपस्थित करना यदि निबंध का बहुत बड़ा आकर्षण है तो भंडारी जी में वे प्रचुर मात्रा में है प्राध्यापक होने के नाते विषय के विश्लेषण की ओर इनकी रुचि अधिक है

एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन परिचय

 पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था इनका पूरा नाम अब्दुल कलाम मिसाइल मैन के नाम से मशहूर है और मिसाइलों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है उन्होंने हिंदुस्तान को परमाणु ताकत बना बनाया और अपनी पृथ्वी त्रिशूल जैसे स्वदेशी मिसाइलों का निर्माण किया देश भक्ति में कूट-कूट कर भरी थी उन्होंने भारत को 2020 तक विकसित बनाने का सपना देखा और इसके लिए युवाओं को आगे जाने के लिए प्रेरित किया वे युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणा पुंज थे उन्हें के अथक प्रयासों से भारत रक्षा तथा वायु आकाश प्रणालियों में आत्मनिर्भर बन सका दे महान भारत के वास्तविक प्रतीक आदर्श नागरिक और सर्वाधिक सकारात्मक भारतीय थे मनसा वाचा कर्मणा जिंदगी की आखिरी सांस तक विकास स्तर को विज्ञान के क्षेत्र में अत्याधुनिक करने के लिए एक विशिष्ट वैज्ञानिक प्रणालियों को कुशलता पूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जितने यह श्रेष्ठ व्यक्तित्व के धनी थे उतना ही उनका लेखन पढ़कर था जैसे प्रबुद्ध राष्ट्रवादी चिंतक वैज्ञानिक का 27 जुलाई 2015 को युवाओं के बीच कर्म संदेश देते हुए देहावसान हो गया

Hazari Prasad Dwivedi Ji ka Jeevan Parichay

प्रसिद्ध निबंधकार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का जन्म 1960 में बलिया जिले के दुबे का छपरा नामक गांव में हुआ एवं उनकी मृत्यु 1979 में हुई आचार्य द्विवेदी ने काशी विश्वविद्यालय में अध्ययन शांतिनिकेतन में लगभग 20 वर्ष तक के कार्य किया यहां रहते हुए उनका रविंद्र नाथ टैगोर के मानवतावादी दर्शन का गहरा प्रभाव पर निबंध विद्या को समृद्ध किया उनके द्वारा लिखे गए चारों उपन्यास अत्यंत श्रेष्ठ एवं चर्चित है उनके द्वारा लिखित प्रमुख पुस्तकें हैं हिंदी साहित्य की भूमिका कबीर सूर साहित्य अशोक के फूल कल्पना विचार और वितर्क हिंदी साहित्य का आदिकाल आदि उनके निधन पर गहरा प्रभाव डालते हैं

रामधारी सिंह दिनकर का जीवन परिचय

राष्ट्रीय संस्कृति काव्य धारा में दिनकर अग्रणी कवि थे मैथिलीशरण गुप्त के बाद इनका राष्ट्र कवि के रूप में जाने गए कविता में सामाजिक चेतना की मूर्खता के कारण  उन्हें युग चारण भी कहा गया बिहार के मुंगेर जिले के सिमरिया गांव के किसान परिवार में हुआ उनकी बियर तक की शिक्षा पटना विश्वविद्यालय में हुए उन्होंने विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दी बाद में सभी पर छोड़कर उन्होंने गृह मंत्रालय में हिंदी सलाहकार का पद संभाला दिन करने का इतिहास और सांस्कृतिक विषयों के लेखन के द्वारा हिंदी साहित्य को गौरवान्वित किया इनकी प्रमुख कृतियों में रेणुका हुंकार रसवंती कुरुक्षेत्र पूर्व से परशुराम की प्रतीक्षा और संस्कृत के चार अध्याय हैं भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से अलंकृत किया अनुरोध के संस्कृत के चार अध्याय को साहित्य अकादमी और कार्य करती और उसी को भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला 25 अप्रैल पत्र पर दिवंगत हुए दिनकर ने अपने ओजस्वी वाणी से भारत की महानता को गौरव गान  किया है

सुमित्रानंदन पंत का जीवन परिचय

सुमित्रानंदन पंत का जीवन जन्म सन 1980 में कुमायूं प्रदेश के को शानी ग्रह में हुआ था उन्होंने जिस परिवेश में जन्म लिया और जिसमें वह बड़े हुए व प्रकृति का शान सुंदर व स्वरूप था प्रकृति की ओर से आगामी और मनोरम पुणे ने उन्हें मानवता के प्रति समर्पित होने के लिए प्रेरित किया वे आस्तिक तो थे ही साथ ही विश्व मानव कल्याण की संस्कृति विचारधारा और मान्यताओं के विश्वास रखते थे अपनी कोमल भावनाओं प्रकृति प्रेम मानवतावाद भावना के कारण आधुनिक कवियों में से इनकी प्रमुख ग्रंथों स्वर्णिमा वाणी कला और बूढ़ा चांद है इनकी कविताओं का संग्रह है

सूर्यकांत त्रिपाठी का जीवन परिचय

छायावादी कवियों में विलक्षण प्रतिभा के धनी सूर्यकांत त्रिपाठी का जन्म सन 1897 में हुआ सूर्यकांत त्रिपाठी जी ऐसे क्रांतिकारी कवि रहेंगे कविता में तत्कालीन समाज में मानव जिसमें स्वयं निराला सूर्यकांत त्रिपाठी भी है की पीड़ा परवशता एवं परतंत्रता के प्रति तीव्र आक्रोश अन्याय तथा समानता के प्रति गहरे विद्रोह के विपरीत विषम जीवन परिस्थितियों के प्रति संघर्ष करने की धुन सुनाई देती है उन्होंने कविता के साथ उपन्यास कहानी आलोचना आदि विधाओं में भी लिखा किंतु कवि थे जो जीवन के यथार्थ का चरित्र पूरी करते थे अंग्रेजी संस्कृत भाषा पर उनका असाधारण अधिकार था। वह अभिव्यक्ति के लिए नहीं काव्य रूप खोजते एवं भाषा को नहीं अभिव्यक्ति भंगी माई प्रदान करते थे तथा जीवन परिवर्तन का माध्यम काव्य फूल बना देते हिंदी में सूर्यकांत त्रिपाठी को मुक्त से प्रेरणा के रूप में जाना जाता है उनकी कविता बहुआयामी है उसमें ओजस्वी बाहों के ज्वालामुखी का विस्फोट है तो नारी के आलू की दिव्य सौंदर्य का चित्रण है साधारण जन के कष्टों का साधारण भाषा में वर्णन है ।

तुलसीदास का जीवन परिचय

हिंदी साहित्य के सर्वश्रेष्ठ महाकवि तुलसीदास जी सगुण काव्यधारा में राम के उपासक थे गोस्वामी तुलसीदास का जन्म संवत् 1554 विक्रम ई  में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में राजापुर गांव में हुआ उनके पिता का नाम आत्माराम और माता का नाम हुलसी था। बाल्यावस्था में ही माता-पिता का देहांत हो जाने के कारण गुरु नरहरि दास ने उनका लालन-पालन किया श्री राम के प्रति अनन्य भक्ति ने रामचरित मानस जैसे दिव्य ग्रंथ की रचना के द्वारा करवाए राम चरित्र मानस के अतिरिक्त तुलसीदास जी की अन्य रचनाओं में विनय पत्रिका गितावली दोहवली और जानकी मन्ग्ल हे इनकी भक्ति की सबसे प्रधान विशेषता उनकी सर्वाग पूर्णता है उसमें धर्म और ज्ञान का सुंदर समन्वय है उनके राम परम धर्म होते हुए भी तरसते थे उन्होंने पारिवारिक संबंधों के आदर्श चरित्र को हमारे सामने प्रस्तुत किया है

मीरा का जीवन परिचय

 Madhya Kalyan Bhakti Kavya Dhara ke Krishna Bhakt kaviyon Mein sarvopari Sthan rakhne wali Mira ka Janm kis gram mein hua Bachpan Mein Hi Mera Ki Mata ka dehant ho jane ke Palan poshan Durga ji ke pass medta mein vah Apne Pita Ratan Singh ki Putri Thi mera balyavastha se hi Krishna Prem Mein Matwali Ho Gai Thi yah Prem Mein Parivartan Ho Gaya मीरा ने Krishna ko hi Apna सर्वस्व माना पारिवारिक व सामाजिक सभी कष्टों को से हर्ष जलती हुई मेरा जीवन पर्यंत कृष्ण भक्ति में लीन रहे और अंत में कृष्ण में ही अंत लीन हो गई मीरा ने नरसी जी रो मायरो गीत गोविंद की टीका मीराबाई का  मल्हार राग सोरठ के पद मीरा के पद आदि की रचना की मीरा के पद राजस्थानी मिश्रित ब्रजभाषा में है कोई चमत्कार दिखाने के लिए उन्होंने काव्य नहीं रचा 

भाग्य बहादुरो का साथ देता हे

हमेशा विश्वास रखिए कि भाग्य बहादुरों का साथ देता है महात्मा गांधी एक दुबला पतला व्यक्ति आम भारतीयों की एकता से शक्तिशाली अंग्रेजों को भारत भूमि से बाहर भगा देता है महाराणा प्रताप हल्दीघाटी में मुगल सेना के खिलाफ बहादुरी से लड़ते हैं और इस प्रकार भारतीय आत्म सम्मान की रक्षा करते हैं अन्ना हजारे भारत की केंद्रीय सरकार को भ्रष्टाचार व कालेधन के खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए सहमत हो जाने को बाध्य करते हैं इस प्रकार यह सभी बहादुरी से कार्य करते हैं तो भाग्य भी इनका साथ देता है यदि आप भी बहादुरों से कार्य करेंगे तो यह आपका भी साथ देगा भाग्य सभी का नहीं होता ।

भाग्य बहादुरो का साथ देता हे

हमेशा विश्वास रखिए कि भाग्य बहादुरों का साथ देता है महात्मा गांधी एक दुबला पतला व्यक्ति आम भारतीयों की एकता से शक्तिशाली अंग्रेजों को भारत भूमि से बाहर भगा देता है महाराणा प्रताप हल्दीघाटी में मुगल सेना के खिलाफ बहादुरी से लड़ते हैं और इस प्रकार भारतीय आत्म सम्मान की रक्षा करते हैं अन्ना हजारे भारत की केंद्रीय सरकार को भ्रष्टाचार व कालेधन के खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए सहमत हो जाने को बाध्य करते हैं इस प्रकार यह सभी बहादुरी से कार्य करते हैं तो भाग्य भी इनका साथ देता है यदि आप भी बहादुरों से कार्य करेंगे तो यह आपका भी साथ देगा भाग्य सभी का नहीं होता ।

शिक्षा और जीवन

शिक्षा और जीवन सहसंबंधित हे शिक्षा जीवन पर प्रभाव डालती है अच्छी शिक्षा को स्वर्ग बनाती है एक खराब शिक्षा जीवन को नरक बनाती है यदि एक व्यक्ति अपने जीवन में एजुकेशन कुशलता कर्तव्यनिष्ठता करुणा सावधानी विश्वसनीयता कल्पनाशीलता आशावादी था और अहिंसा रखता हे तब उसका जीवन परसंता वाला है यदि एक व्यक्ति यह गुण नहीं रखता है तब जीवन प्र्स्न्ता वाला नहीं है 

योग व स्वास्थय

स्वास्थय के परिरक्षण व विभिन्न रोगों की चिकित्सा की विधि मे योग बहुत महत्त्व का है  योग मुख्य रूप से मनोवैज्ञानि दुखो को दूर करता हे यह आन्तरिक अंगो को साफ करता हे यह रक्त प्रवाह को  नियमित करता हे फेफड़ों की  क्षमता में सुधार करता है वह सभी रोगों का उन्मूलन करता है अनिद्रा अत्यधिक टेंशन ब्राउन की रस्म रूमेटाइड अर्थराइटिस डायबिटीज कैंसर एड्स आदि जोगिंग फैलाए फैलाव शरीर की कोशिकाओं को पैदा करता है वह लंबा जीवित रखता है इसलिए एक योगी लंबा जीवन जीता है इस प्रकार योग हमें स्वस्थ रखता है   

खतरे पर कविता

हंसने में मूर्ख दिखाई देने का खतरा है सोने में भाव दिखाई देने का खतरा हे  दूसरे की आगे बढ़ कर सहयता करने मे किसी गतिविधि मे शामिल दिखाई देने का खतरा हे 🛰🚠🚪🛋🇳🇪 भावनाओं को प्रकट करने में अपनी वास्तविक एवं सच्ची स्थिति का प्रकट हो जाने का खतरा है यह भीड़ के समक्ष अपने विचार और सपनों को सामने रखने में बोला बोला अनुभवहीन के लाए जाने का खतरा है परिणाम व्यक्ति व्यक्ति द्वारा बदले में प्रेम न किया जाने का खतरा हे जीने में मरने का खतरा  है आशा करने में पूर्ण निराशा का खतरा है प्रयास करने में असफलता का खतरा है लेकिन खतरा तो जीवन में उठाना ही चाहिए क्यूंकि जीवन सबसे बड़ा खतरा हे खतरा न उठाना 

कवि सूरदास का जीवन परिचय

अतुलनीय कवि सूरदास का जन्म साथ 1540 में हुआ था इनके जन्म स्थान के बारे में मतभेद है कुछ विद्वान आगरा मथुरा के बीच स्थित रुण कथा गांव को और कुछ दिल्ली के समीप स्थित से गांव को इन की जन्मस्थली मानते हुए सजीव वर्णन से जन मन को मुक्त करने वाले और रंग रुप वेश भूषा की अलंकारिक शैली में प्रस्तुत करने वाले महाकवि सूअर अत्यंत कुछ लोग इन्हें जन्मांध मानते हैं और कुछ बाद में अंधा होना मानते हैं और मथुरा आगरा मार्ग पर यमुना के घाट पर निवास करते थे वेदास भाव के पदों का गान किया करते थे वल्लभाचार्य जी से भेंट होने पर एवं उनके उपदेशों से प्रभावित होकर आपने श्री कृष्ण के सदस्य लीलाओं का गान प्रारंभ कर दिया सूरदास श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे इनकी लीलाओं का उन्होंने विस्तार से वर्णन किया है आपकी मान्य रचना 3 है यह श्रीकृष्ण की विविध लीलाओं पर आधारित पदों का विशाल संग्रह है इसमें कृष्ण का बाल वर्णन और भ्रमरगीत संग्रहित है 

संत कबीर का जीवन परिचय

संत कबीर ने समाज में रहकर समाज का बड़े समीप से निरीक्षण किया समाज में फैले ब्रांड नंबर भेदभाव संप्रदायिकता आदि का उन्होंने पुष्ट प्रमाण लेकर ऐसा देश विरोध किया कि किसी की हिम्मत नहीं हुई जो उनके अकाट्य तर्कों को काट सके कबीर का व्यक्तित्व इतना ऊंचा था कि उनके सामने टिकने की हिम्मत किसी में नहीं थी इस प्रकार उन्होंने समाज का धर्म की बुराइयों को निकाल निकाल कर शामिल का ऊंचा नाम रखा संसार को ठगने वालों के नकली चेहरों को सबको दिखाया और दिन दलितों को उठाने का उपदेश देकर अपने व्यक्तित्व को सुधार कर सबके सामने एक महान आदर्श प्रस्तुत कर सिद्धांतों का निरूपण किया कर्म सेवा अहिंसा तथा निर्गुण मार्ग का प्रसार किया कर्मकांड तथा मूर्ति पूजा का विरोध किया अपने साथियों रमणीय तथा शब्दों को बोलचाल की भाषा में रहकर सबके सामने एक विशाल ज्ञान मार्ग खोला इस प्रकार कबीर ने सामान्य वादी दृष्टिकोण की भाषा में रच कर सबको इस प्रकार कबीर ने सामान्य वादी दृष्टिकोण अपनाया और कथनी करनी की एकता पर बल दिया वह महान युग दृष्टा समाज सुधारक तथा महान कवि थे उन्होंने हिंदू मुस्लिम के बीच समय की धारा प्रवाहित कर दोनों को ह...

सत्य

सत्य एक आत्मा का संबंध तीन प्रकार का है एक जिज्ञासा का संबंध है दूसरा प्रयोजन का संबंध है और तीसरा आनंद का जिज्ञासा का संबंध दर्शन का विषय है परियोजना का संबंध विज्ञान का विषय है और साहित्य का विषय केवल आनंद का संबंध है जहां अनुरोध बन जाता है वह साहित्य हो जाता है विचार से है

हिंसा पर

संसार में बहुत अधिक हिंसा है शारीरिक शिक्षा है और आंतरिक हिंसा भी है दूसरे व्यक्ति को मार डालना दूसरे व्यक्ति को जानबूझकर समझकर तो बिना सोचे समझे ना शत्रुता पूर्ण और घृणा पूर्णता पूर्ण बातें करना सारे लोगों को ना लोगों से लोगों को आलो चना करना संसार में जैसे जैसे हम बड़े होते हैं हम मानव अस्तित्व के प्रति स्तर पर बहुत अति समझा देते उधमिता मेमसाहेब विचारधारा के लिए तथाकथित धार्मिक सिद्धांतों के लिए राष्ट्रीयता के लिए भूमि के छोटे से छोटे टुकड़े को देखने के लिए लोगों का नशा करने के लिए मनुष्य करेगा

संत कबीर का जीवन परिचय

संत कबीर ने समाज में रहकर समाज का बड़े समीप से निरीक्षण किया समाज में फैले ब्रांड नंबर भेदभाव संप्रदायिकता आदि का उन्होंने पुष्ट प्रमाण लेकर ऐसा देश विरोध किया कि किसी की हिम्मत नहीं हुई जो उनके अकाट्य तर्कों को काट सके कबीर का व्यक्तित्व इतना ऊंचा था कि उनके सामने टिकने की हिम्मत किसी में नहीं थी इस प्रकार उन्होंने समाज का धर्म की बुराइयों को निकाल निकाल कर शामिल का ऊंचा नाम रखा संसार को ठगने वालों के नकली चेहरों को सबको दिखाया और दिन दलितों को उठाने का उपदेश देकर अपने व्यक्तित्व को सुधार कर सबके सामने एक महान आदर्श प्रस्तुत कर सिद्धांतों का निरूपण 

संत कबीर का जीवन परिचय

संत कबीर ने समाज में रहकर समाज का बड़े समीप से निरीक्षण किया समाज में फैले ब्रांड नंबर भेदभाव संप्रदायिकता आदि का उन्होंने पुष्ट प्रमाण लेकर ऐसा देश विरोध किया कि किसी की हिम्मत नहीं हुई जो उनके अकाट्य तर्कों को काट सके कबीर का व्यक्तित्व इतना ऊंचा था कि उनके सामने टिकने की हिम्मत किसी में नहीं थी इस प्रकार उन्होंने समाज का धर्म की बुराइयों को निकाल निकाल कर शामिल का ऊंचा नाम रखा संसार को ठगने वालों के नकली चेहरों को सबको दिखाया और दिन दलितों को उठाने का उपदेश देकर अपने व्यक्तित्व को सुधार कर सबके सामने एक महान आदर्श प्रस्तुत कर सिद्धांतों का निरूपण 

संत कबीर का जीवन परिचय

संत कबीर ने समाज में रहकर समाज का बड़े समीप से निरीक्षण किया समाज में फैले ब्रांड नंबर भेदभाव संप्रदायिकता आदि का उन्होंने पुष्ट प्रमाण लेकर ऐसा देश विरोध किया कि किसी की हिम्मत नहीं हुई जो उनके अकाट्य तर्कों को काट सके कबीर का व्यक्तित्व इतना ऊंचा था कि उनके सामने टिकने की हिम्मत किसी में नहीं थी इस प्रकार उन्होंने समाज का धर्म की बुराइयों को निकाल निकाल कर शामिल का ऊंचा नाम रखा संसार को ठगने वालों के नकली चेहरों को सबको दिखाया और दिन दलितों को उठाने का उपदेश देकर अपने व्यक्तित्व को सुधार कर सबके सामने एक महान आदर्श प्रस्तुत कर सिद्धांतों का निरूपण 

शराब पीकर गाड़ी चलाने चलाने का नतीजा यह है

जतिन गांधी के पिता बेलू गांधी ने पत्र लिखकर निखिल से मिलने की इच्छा प्रकट की थी और उसे बुलाया था निखिल का छोटा भाई राजू पत्थर पड़ रहा था तो निखिल की आंखों से आंसू बह रहे थे निखिल और उसके 3 मीटर हॉस्टल में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे पढ़ाई का अंतिम साल था कुछ महीने बाद वह पढ़ाई पूरी कर अपने अपने घर लौट जाने और अच्छी नौकरी पाकर जीवन बिताने वाले थे 31 दिसंबर की शाम थी चारों ने नववर्ष के स्वागत में पार्टी आयोजित की निखिल अपना प्रोजेक्ट पूरा करने के कारण उस पार्टी में नहीं गया था वह नरेंद्र की गाड़ी में गए रात 2:00 बजे पार्टी समाप्त होने पर वे लौट रहे थे गाड़ी धरेंद्र चला रहा था पार्टी में कुछ लोग ने इनको शराब पिला दी थी बाहर नाकोड़ा था साफ दिखाई नहीं दे रहा था अन्य साथी सो रहे थे रामेश्वर की आंखें भी नींद से बोझिल होती जा रही थी अचानक गाड़ी फ्लाईओवर के खंभे से टकराकर रामेश्वर गंभीर रूप से घायल था अन्य तीनों साथियों की मृत्यु हो चुकी थी इस घटना ने निखिल को हिला कर रख दिया था

सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी

मेरे प्रिय भाइयों और बहनों मैं आपको सड़क के बारे में बता रहा हूं सड़कों पर यातायात दिनों दिन बढ़ रहा है सर के उन पर चलने वालों के लिए असुरक्षित होती जा रही है वर्ष 2030 तक सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाएं वैश्विक रूप से मृत्यु का पांचवा सबसे बड़ा कारण बन जाएगा अतः सड़कों को यातायात के लिए सुरक्षित बनाना आवश्यक है इस कारण इस विषय को पाठ्यक्रम के साथ जोड़ा गया है जिससे छात्रों को दुर्घटना से बचने का तथा दुर्घटना होने की स्थिति में अपने कर्तव्य का ज्ञान हो सके दुर्घटना होने पर वहां से बचकर निकलने के बजाय घायलों की सहायता करनी चाहिए तथा अन्य लोगों को भी सहायता के लिए प्रेरित करना चाहिए लोगों को बताया जाना चाहिए कि वह गाड़ी गलत स्थान पर पाक ने करें शराब पीकर गाड़ी न चलाएं गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात ना करें गीत संगीत ने सुने सड़क पर क्रोध प्रदर्शन नहीं करना चाहिए अपने तथा अपने परिवार पर नियंत्रण रखना चाहिए लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों और विनियमों का पालन करने तथा उनका उल्लंघन करने पर मिलने वाले दंड के बारे में बताना चाहिए लाइसेंस के बिना गाड़ी नहीं चलानी चाहिए गाड़ी के नंबर प्लेट निर्धा...

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