सुमित्रानंदन पंत का जीवन परिचय
सुमित्रानंदन पंत का जीवन जन्म सन 1980 में कुमायूं प्रदेश के को शानी ग्रह में हुआ था उन्होंने जिस परिवेश में जन्म लिया और जिसमें वह बड़े हुए व प्रकृति का शान सुंदर व स्वरूप था प्रकृति की ओर से आगामी और मनोरम पुणे ने उन्हें मानवता के प्रति समर्पित होने के लिए प्रेरित किया वे आस्तिक तो थे ही साथ ही विश्व मानव कल्याण की संस्कृति विचारधारा और मान्यताओं के विश्वास रखते थे अपनी कोमल भावनाओं प्रकृति प्रेम मानवतावाद भावना के कारण आधुनिक कवियों में से इनकी प्रमुख ग्रंथों स्वर्णिमा वाणी कला और बूढ़ा चांद है इनकी कविताओं का संग्रह है
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