अच्छा मनुष्य

ओपन या उपासना की दृष्टि से कई लोग काफी बर्थडे चड्डे होते हैं यह प्रसन्नता की बात है कि जहां दूसरे लोग भगवान को बिल्कुल ही भूल बैठे हैं वह व्यक्ति ईश्वर का स्मरण तो करता है औरों से तो अच्छा है इसी प्रकार जो बुराइयों से बचाए अनीति और व्यवस्था नहीं फैलाता संयम और मर्यादा में रहता है वह भी भला हसे बुद्धिमान कहा जाएगा क्योंकि दुर्बुद्धि को सुनाने से जो अगणित विपत्तियां उस पर टूटने वाली थी उनसे बचगया  स्वयं भी उद्विग्न नहीं हुआ और दूसरों को भी वी क्षुब्ध ने करने की भलमनसाहत बरतता  रहा। दोनों ही बातें अच्छी है ईश्वर का नाम लेना भलमनसाहत  से रहना है एक अच्छे मनुष्य के लिए योग्य कार्य है उतना तो हर समझदार आदमी को करना ही चाहिए जो उतना ही करता है उसकी उतनी तो प्रशंसा की ही जाएगी कि उनसे अनिवार्य कर्तव्यों की उपेक्षा नहीं की ओर दोस्त दुरात्माओ के होने वाले दुर्गति से अपने को बचा लिया।

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