शक्ति बौद्ध की आवश्यकता

हमारे देश को दो बातों की सबसे पहले और सबसे ज्यादा जरूरत है एक शक्ति बौद्ध और दूसरा सौंदर्य बोध शक्ति बोध का अर्थ है देश की शक्ति और सामर्थ्य का ज्ञान दूसरे देशों की तुलना में अपने देश को ही नहीं मानना चाहिए इससे देश के शक्ति बोध का आगाज पहुंचता है सौंदर्य बोध का अर्थ है किसी भी रूप में कुल कुरूचि की भावना को पनपने ने देना इधर-उधर कूड़ा फेंकने गंदी शब्दों का प्रयोग इधर की उधर लगाना समय देकर ने मिलना आदि से देश के सौंदर्य बोध को आघात पहुंचता है देश के सचिवों को जगाने के लिए हमें चाहिए कि हम सदा दूसरे देशों की अपेक्षा अपने देश की श्रेष्ठ समझे ऐसे करने से देश के शक्ति बोध का आगाज पहुंचता है उधर इस तथ्य की पुष्टि करता है यह महाबली कर्ण का सारथी था जब भी करण अर्जुन की अजय तक का एक हल्का सा उल्लेख कर देता बार-बार लेकर आत्मविश्वास में डाल दी जो उसके भाई की नींव रखने में सफल हो गए

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