Hazari Prasad Dwivedi Ji ka Jeevan Parichay

प्रसिद्ध निबंधकार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का जन्म 1960 में बलिया जिले के दुबे का छपरा नामक गांव में हुआ एवं उनकी मृत्यु 1979 में हुई आचार्य द्विवेदी ने काशी विश्वविद्यालय में अध्ययन शांतिनिकेतन में लगभग 20 वर्ष तक के कार्य किया यहां रहते हुए उनका रविंद्र नाथ टैगोर के मानवतावादी दर्शन का गहरा प्रभाव पर निबंध विद्या को समृद्ध किया उनके द्वारा लिखे गए चारों उपन्यास अत्यंत श्रेष्ठ एवं चर्चित है उनके द्वारा लिखित प्रमुख पुस्तकें हैं हिंदी साहित्य की भूमिका कबीर सूर साहित्य अशोक के फूल कल्पना विचार और वितर्क हिंदी साहित्य का आदिकाल आदि उनके निधन पर गहरा प्रभाव डालते हैं

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