संत कबीर का जीवन परिचय

संत कबीर ने समाज में रहकर समाज का बड़े समीप से निरीक्षण किया समाज में फैले ब्रांड नंबर भेदभाव संप्रदायिकता आदि का उन्होंने पुष्ट प्रमाण लेकर ऐसा देश विरोध किया कि किसी की हिम्मत नहीं हुई जो उनके अकाट्य तर्कों को काट सके कबीर का व्यक्तित्व इतना ऊंचा था कि उनके सामने टिकने की हिम्मत किसी में नहीं थी इस प्रकार उन्होंने समाज का धर्म की बुराइयों को निकाल निकाल कर शामिल का ऊंचा नाम रखा संसार को ठगने वालों के नकली चेहरों को सबको दिखाया और दिन दलितों को उठाने का उपदेश देकर अपने व्यक्तित्व को सुधार कर सबके सामने एक महान आदर्श प्रस्तुत कर सिद्धांतों का निरूपण किया कर्म सेवा अहिंसा तथा निर्गुण मार्ग का प्रसार किया कर्मकांड तथा मूर्ति पूजा का विरोध किया अपने साथियों रमणीय तथा शब्दों को बोलचाल की भाषा में रहकर सबके सामने एक विशाल ज्ञान मार्ग खोला इस प्रकार कबीर ने सामान्य वादी दृष्टिकोण की भाषा में रच कर सबको इस प्रकार कबीर ने सामान्य वादी दृष्टिकोण अपनाया और कथनी करनी की एकता पर बल दिया वह महान युग दृष्टा समाज सुधारक तथा महान कवि थे उन्होंने हिंदू मुस्लिम के बीच समय की धारा प्रवाहित कर दोनों को ही शीतलता प्रदान की

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