शराब पीकर गाड़ी चलाने चलाने का नतीजा यह है

जतिन गांधी के पिता बेलू गांधी ने पत्र लिखकर निखिल से मिलने की इच्छा प्रकट की थी और उसे बुलाया था निखिल का छोटा भाई राजू पत्थर पड़ रहा था तो निखिल की आंखों से आंसू बह रहे थे निखिल और उसके 3 मीटर हॉस्टल में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे पढ़ाई का अंतिम साल था कुछ महीने बाद वह पढ़ाई पूरी कर अपने अपने घर लौट जाने और अच्छी नौकरी पाकर जीवन बिताने वाले थे 31 दिसंबर की शाम थी चारों ने नववर्ष के स्वागत में पार्टी आयोजित की निखिल अपना प्रोजेक्ट पूरा करने के कारण उस पार्टी में नहीं गया था वह नरेंद्र की गाड़ी में गए रात 2:00 बजे पार्टी समाप्त होने पर वे लौट रहे थे गाड़ी धरेंद्र चला रहा था पार्टी में कुछ लोग ने इनको शराब पिला दी थी बाहर नाकोड़ा था साफ दिखाई नहीं दे रहा था अन्य साथी सो रहे थे रामेश्वर की आंखें भी नींद से बोझिल होती जा रही थी अचानक गाड़ी फ्लाईओवर के खंभे से टकराकर रामेश्वर गंभीर रूप से घायल था अन्य तीनों साथियों की मृत्यु हो चुकी थी इस घटना ने निखिल को हिला कर रख दिया था

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